Thursday, September 24, 2009

कैले बजै मुरुली

कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
चिरी है कलेजी मरी तू देख मना मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
मुरुली की सोर सुणी हिया भरी ऐगो, को पापी ल मेरो बेणा मन दुखी हैछो
स्वामी परदेशा मेरा उ जरी लाम मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
मेर मेते की भगवती तू दैणी हजैये, मेर मेते की भगवती तू दैणी हजैये
कुशल मगल म्यारा स्वामी घर लयै, कुशल मगल म्यारा स्वामी घर लयै
नंगरा निशाडा ल्यूँलो देवी में तयरी थाना मा, नंगरा निशाडा ल्यूँलो देवी में तयरी थाना मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
भूमि का भूमिया देबा धरी दिया लाजा, भूमि का भूमिया देबा धरी दिया लाजा
पंचनामा देबा तुम सुणी लिया धाता, पंचनामा देबा तुम सुणी लिया धाता
गवै को चरेउ मेरी तुमरी छ हाथ, गवै को चरेउ मेरी तुमरी छ हाथ
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा

कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा

1 comment:

hi