Thursday, September 24, 2009

तक धिंग तालो धिंग तालो

तक धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो


शुब दिन बार आयुं च , शुब दिन बार आयुं च
आज पौणोन चौक भरियुं च, आज पौणोन चौक भरियुं च
सब गैल्या रंगमत बण्यां च, ढोल दमो बाजो..


तक धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
होये होये... होये होये...
तक धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो


तक धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो


शुब दिन बार आयुं च , शुब दिन बार आयुं च
आज पौणोन चौक भरियुं च, आज पौणोन चौक भरियुं च
सब गैल्या रंगमत बण्यां च, ढोल दमो बाजो..


तक धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
होये होये... होये होये...
तक धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो
धिंग तालो धिंग तालो, तक धिंग तालो धिंग तालो

घुगुती घुरोण लागी

घुगुती घुरोण लागी म्यार मैत की
बौडी बौडी आयी गे ऋतू , ऋतू चेत की
डांडी कांठियों को हूए, गौली गए होलू
म्यारा मेता को बोन , मौली गए होलू
चाकुला घोलू छोडी , उड़ना हवाला
बेठुला मेतुदा कु , पेताना हवाला
घुगुती घुरोण लागी हो ......................

घुगुती घुरोण लागी म्यार मैत की
बौडी बौडी आयी गे ऋतू , ऋतू चेत की
ऋतू, ऋतू चैत की, ऋतू, ऋतू चेत की
डान्दियुन खिलना होला , बुरसी का फूल
पथियुं हैसनी होली , फ्योली मोल मोल
कुलारी फुल्पाती लेकी , देल्हियुं देल्हियुं जाला
दग्द्या भग्यान थडया, चौपाल लागला
घुगुती घुरोण लागी म्यार मैत की
बौडी बौडी आयी गे ऋतू , ऋतू चेत की
ऋतू, ऋतू चैत की, ऋतू, ऋतू चेत की
तिबरी मा बैठ्या हवाला, बाबाजी उदास
बतु हेनी होली माजी , लागी होली सास
कब म्यारा मैती औजी , देसा भेंटी आला
कब म्यारा भाई बहनों की राजी खुशी ल्याला
घुगुती घुरोण लागी म्यार मैत की
बौडी बौडी आयी गे ऋतू , ऋतू चेत की
ऋतू, ऋतू चैत की, ऋतू, ऋतू चेत की
ऋतू, ऋतू चैत की, ऋतू, ऋतू चेत की
ऋतू, ऋतू चैत की, ऋतू, ऋतू चेत की
ऋतू, ऋतू चैत की, ऋतू, ऋतू चेत की

कुमाऊनी झोडा

 ददो को हेगो तासु मे जोरा, भौजी लै पिहे रम,
आहा दद हेबेरी भौजी होसियारा, मैत बे लेयरै भौ,
आइवे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,दातुले की धारा, गरबरी गारा,
जर्मनी मोटर चलछी, अग्रेंजी कारा,
जतेरी बोली मारछे सुआ, उतेरी ना मारा,
आहा दद हेबेरी भौजी होसियारा, मैत बे लेयरै भौ

रानीखेता तुणी पेडा

 रानीखेता तुणी पेडा, सरपंचा तेरी पधानि,
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायाला खुटु बिछुआ, तब होला तेरी पधानि,
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायाला मिही कनफुला, तब होला तेरी पधानि
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायाला मिही गलोबन्दा, तब होला तेरी पधानि
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायले आंग अंगअगाई, तब होला तेरी पधानि
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायले टीके बिन्दुली, तब होला तेरी पधानि
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायले नाख नथुली, तब होला तेरी पधानि
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जब लायले हाथ पोजिया, तब होला तेरी पधानि
रानीखेता तुणी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

कमला तलसारी झंन जे

 कमला तलसारी झंन जे ये, छोरी ग्यो बालि टुटीला,
कमला तलसारी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
कमला दातुले की धारा,छोरी दातुले की धारा,
कमला सभु हे सुफला हेजो, यो होई त्योहारा,
कमला तलसारी झंन जे ये, छोरी ग्यो बाला टुटीला
कमला घुना घुना पानी, छोरी घुना घुना पानी,

कुमाऊनीहोली गीत

 प्रभु ने धारो वामन रूप , राजा बली के दुआरे हरी
राजा बली को अरज सुना दो , तेरे दुआरे अतिथि हरी
मांग रे वमणा जो मन ईच्छा , सो मन ईच्छा में देऊं हरी

हमको दे राजा तीन पग धरती, काँसे की कुटिया बनाऊं हरी
मांग रे बमणा मांगी नी ज्याण , के करमो को तू हीना हरी
दू पग नापो सकल संसारा , तिसरौ पग को धारो हरी
राजा बलि ने शीश दियो है, शीश गयो पाताल हरी

पांचाला देश की द्रोपदी कन्या, कन्या स्वयंबर रचायो हरी
तेल की चासनी रूप की मांछी, खम्बा का टूका पर बांधो हरी
मांछी की आंख जो भेदी जाले, द्रोपदी जीत लिजालो हरी
दुर्योधनज्यू उठी बाण जो मारो, माछी की आंख ना भेदो हरी
द्रौपदी उठी बोल जो मारो , अन्धो पिता को तू चेलो हरी
कर्णज्यू उठी बाण जो मारो, माछी की आंख ना भेदो हरी
द्रौपदी उठी बोल जो मारो , मैत घरौ को तू चेलो हरी
अर्जुनज्यू उठी बाण जो मारो, माछी की आंख को भेदो हरी
अर्जुनज्यू उठें द्रौपदी लै उठी, जयमालै पहनायो हरी


पैली शब्द ओमकारा भयो है, पीछे विष्णु अवतार हरी
बिष्णु की नाभी से कमलक फूला, फूला में ब्रह्मा जी बैठे हरी
ब्रह्मा जी ने सृष्टि रची है , तीनों लोक बनायो हरी
पाताल लोक में नाग बसो है , मृत्युलोक में मनुया हरी
स्वर्गालोक में देव बसे हैं , आप बसे बैकुंठ हरी

कैले बजै मुरुली

कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
चिरी है कलेजी मरी तू देख मना मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
मुरुली की सोर सुणी हिया भरी ऐगो, को पापी ल मेरो बेणा मन दुखी हैछो
स्वामी परदेशा मेरा उ जरी लाम मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
मेर मेते की भगवती तू दैणी हजैये, मेर मेते की भगवती तू दैणी हजैये
कुशल मगल म्यारा स्वामी घर लयै, कुशल मगल म्यारा स्वामी घर लयै
नंगरा निशाडा ल्यूँलो देवी में तयरी थाना मा, नंगरा निशाडा ल्यूँलो देवी में तयरी थाना मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
भूमि का भूमिया देबा धरी दिया लाजा, भूमि का भूमिया देबा धरी दिया लाजा
पंचनामा देबा तुम सुणी लिया धाता, पंचनामा देबा तुम सुणी लिया धाता
गवै को चरेउ मेरी तुमरी छ हाथ, गवै को चरेउ मेरी तुमरी छ हाथ
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा

कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा
कैले बजै मुरुली......बैणा ऊची-ऊची डान्युँ मा

घुघुती ना बासा सा

घुघुती ना बासा सा,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
तेर घुरु घुरू सुनी मै लागू उदासा
स्वामी मेरो परदेसा, बर्फीलो लदाखा, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
रीतू आगी घनी घनी, गर्मी चैते की
याद मुकू भोत ऐगे अपुना पति की, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
तेर जैस मै ले हुनो, उड़ी बेर ज्यूनो
स्वामी की मुखडी के मैं जी भरी देखुनो, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
उड‌ती जा ओ घुघुती, नेह जा लदाखा
हल मेर बते दिये, मेरा स्वामी पासा, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।