घुघुती ना बासा सा,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
तेर घुरु घुरू सुनी मै लागू उदासा
स्वामी मेरो परदेसा, बर्फीलो लदाखा, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
रीतू आगी घनी घनी, गर्मी चैते की
याद मुकू भोत ऐगे अपुना पति की, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
तेर जैस मै ले हुनो, उड़ी बेर ज्यूनो
स्वामी की मुखडी के मैं जी भरी देखुनो, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
उडती जा ओ घुघुती, नेह जा लदाखा
हल मेर बते दिये, मेरा स्वामी पासा, घुघुती ना बासा
घुघुती ना बासा सा,,,,,,,, आमे कि डाई मा घुघुती ना बासा।
भल प्रयास छू भुला अपणी पहाड़ी बोली में योगदान सराहनीय छू, पहाड़ी फ़ोरम यौ दिशा में प्रयासरत छू पहाड़ी फ़ोरम में आपुं योगदान करो तो बड़ी कृपा होली।
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धन्यवाद
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